मैं कौन हूं ?
क्या हम केवल शरीर हैं? या हमारा अस्तित्व इससे परे है? इस लेख में हम जागृत, स्वप्न और सुषुप्ति अवस्थाओं के माध्यम से अपने वास्तविक स्वरूप की खोज करते हैं। शरीर और सूक्ष्म शरीर से परे, हम अपने आत्मिक स्वरूप को समझने का प्रयास करेंगे, जो परमात्मा का अविनाशी अंश है।



